Monday, 1 April 2013

POEM


मेरे कमरे में बिखरे हुए सिगरेट के टुकड़ों को देखकर
क्यों पुराने अख़बार सा मुहं  बनाती हो 
क्या तुमने कभी सोचा हैं ?
हर एक सिगरेट के मैंने कितने कश लगाये होंगे
और हर कश से निकले धुयें से
तेरी यादों के कितने छल्ले बनायें होंगे
शायद तुमने कभी सोचा नहीं होगा
अगर सोचा होता
इसको कभी नशा नहीं कहती .....

POEM


मेरे कमरे में बिखरे हुए सिगरेट के टुकड़ों को देखकर
क्यों पुराने अख़बार सा मुहं  बनाती हो 
क्या तुमने कभी सोचा हैं ?
हर एक सिगरेट के मैंने कितने कश लगाये होंगे
और हर कश से निकले धुयें से
तेरी यादों के कितने छल्ले बनायें होंगे
शायद तुमने कभी सोचा नहीं होगा
अगर सोचा होता
इसको कभी नशा नहीं कहती .....

POEM


मेरे कमरे में बिखरे हुए सिगरेट के टुकड़ों को देखकर
क्यों पुराने अख़बार सा मुहं  बनाती हो 
क्या तुमने कभी सोचा हैं ?
हर एक सिगरेट के मैंने कितने कश लगाये होंगे
और हर कश से निकले धुयें से
तेरी यादों के कितने छल्ले बनायें होंगे
शायद तुमने कभी सोचा नहीं होगा
अगर सोचा होता
इसको कभी नशा नहीं कहती .....

POEM

कुछ दिन होते है 
बुकमार्क जैसे 
हमेशा उन दिनों को लौट जाने का 
मन करता है 
कुछ दिन होते है 
खाली खाली से 
जूठे बर्तनों की तरह ,
किस और की चिठ्ठी
जैसे तुम्हारे घर आ गयी हो ,
किसी अस्वीकृत प्रार्थना पत्र जैसे
शाम होते ही
जिसके कोने पे अपने हस्ताक्षर
कर
टांग देते हो रात की खूंटी पे.....

Translating EUNICE DE SOUZA

Translating EUNICE DE SOUZA

ADVICE TO WOMEN 

बिल्लियाँ रखो 
यदि तुम चाहते हो निबटना 
प्रेमियों की भिन्नता से .
भिन्नता हमेशा उपेक्षा नहीं होती -
बिल्लियाँ वापिस लौट आती है बिखरी ट्रे के पास 
जब इन्हें जरुरत हो .
खिड़की से मत चिलायो दुश्मनों पे .
उन विशाल हरी आँखों की
आश्चर्य कर देने वाली निरंतर टकटकी
तुम्हे सिखा देगी
अकेले मरना

Translating EUNICE DE SOUZA

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ADVICE TO WOMEN 

बिल्लियाँ रखो 
यदि तुम चाहते हो निबटना 
प्रेमियों की भिन्नता से .
भिन्नता हमेशा उपेक्षा नहीं होती -
बिल्लियाँ वापिस लौट आती है बिखरी ट्रे के पास 
जब इन्हें जरुरत हो .
खिड़की से मत चिलायो दुश्मनों पे .
उन विशाल हरी आँखों की
आश्चर्य कर देने वाली निरंतर टकटकी
तुम्हे सिखा देगी
अकेले मरना

Translating EUNICE DE SOUZA

Translating EUNICE DE SOUZA

ADVICE TO WOMEN 

बिल्लियाँ रखो 
यदि तुम चाहते हो निबटना 
प्रेमियों की भिन्नता से .
भिन्नता हमेशा उपेक्षा नहीं होती -
बिल्लियाँ वापिस लौट आती है बिखरी ट्रे के पास 
जब इन्हें जरुरत हो .
खिड़की से मत चिलायो दुश्मनों पे .
उन विशाल हरी आँखों की
आश्चर्य कर देने वाली निरंतर टकटकी
तुम्हे सिखा देगी
अकेले मरना