Saturday, 27 July 2013

SENSE

ginger, cumin ,coriander ,chilly turmeric 
all reminding me of you .
you had no sense of cooking 
but 
you made sense in my life .

नानक

जगह जगह की तंग गलियों से गुजरा
लोगो की मानसिकता से खुजलाया अपना सर
टीलों की सफ़ेद धुप से 
जब हुयी दाढ़ी सफ़ेद 
तब जाना जिन्दगी का मतलब . 
परन्तु जहाँ जहाँ नानक गया था 
वहां खतपतवार की तरह 
दाढ़ी मूंछे ही क्यों पैदा हुयी 
नानक क्यों नहीं

TRANSLATING A POEM- A REQUEST BY KAMALA DAS

TRANSLATING A POEM- A REQUEST BY KAMALA DAS
जब मैं मरुँ 
फैंकना मत 
मांस और हड्डियाँ 
बल्कि ढेर लगा देना 
और उन्हें बोलने देना 
उनकी बदबू के जरिये , 
इस धरती के ऊपर 
जीवन का मोल क्या था ,
अंत में 
प्यार का मोल क्या था

Tuesday, 23 July 2013

A POEM

हो सकता है 
तुझे बड़ा अजीब लगे ,
मैंने अपने नाख़ून बढ़ा लिए हैं 
वक़त को खुरेदना चाहता हूँ 
तब तक 
जब तक 
ये नज़र ना आ जाये 
तुम पहले दिन 
कैसे दिखते थे 
इतना उलझ गया हूँ तुझमे और 
तुझसे सम्बंधित चीजों में
कोई हिसाब नहीं रहता
बस इतना सा याद है
जिस दिन नमकीन चने मिले
उस दिन सोमवार होता है ,
तुम्हारे झूठे चमच का पास पड़े होना
तुम्हारा पास बैठे होना लगता है .......................

TWO POEMS

बारिशें होती है 
तो घुलने लगता है 
आसमान भी जमीं पे ,
तुम ज़रा देख कर बताओ 
जमीं कहाँ है 
असमान कहाँ है
..............................
तुम जून को दिसम्बर कहना 
मैं पतझड़ को सावन 
चलो आज मिलकर 
वक़्त को धोखा देते हैं

WAITING

WAiting is not durational 
Rather its visual.
You are in front of my eyes 
And I 
Still waiting ..

VISION

DONT COMB YOUR CURLY HAIR 
LET THIS CONFUSION ENCOUNTER YOUR RATIONALITY .
CLARITY OF VISION IS NOT GOOD FOR LOVERS